ढिबरी
अन्हियारे से लड़ती अदना ढिबरी... सीने मे दावानल भी ... और सागर अगम अतल भी...
संस्मरण
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मंगलवार, 27 सितंबर 2011
दिल पे मत ले यार !
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किसी व्यक्ति ने इसे कुमार विश्वास के पेज पर पोस्ट किया हुआ था.. आप हँसते हँसते पागल हो जाओगे..कसम से.. दिग्विजय सिंह - दिग्विजिय ...
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शनिवार, 10 सितंबर 2011
हम आम आदमी
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हम आम आदमी हैं किसी 'खास' का अनुगमन हमारी नियति है हमारे बीच से ही बनता है कोई 'खास' हमारी मुट्ठियाँ देती हैं शक्ति हमारे...
शुक्रवार, 2 सितंबर 2011
वाह री सरकार वाह तेरे खेल
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नमस्कार मित्रों.... महीने भर से भ्रष्टाचार की लड़ाई और अन्य व्यस्तताओं के चलते ब्लॉग पर सक्रिय नहीं रहा... फिर से आता हूँ इस गली... किसी की प...
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गुरुवार, 21 जुलाई 2011
बंदर बनाम टोपी वाले
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एक कहानी बचपन से सुनते आये हैं… एक टोपी वाला जंगल से गुज़र रहा था. दोपहरी चटख रही थी. दो घड़ी आराम करने की नीयत से वह एक पेड़ के नीचे अप...
मंगलवार, 5 अप्रैल 2011
फसील सर की सुनेगा कि हुक्मरानों की… पद्म सिंह
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आज कहता है वही शख्स भूल जाने को मैंने जिसके लिए भुला दिया ज़माने को दिल पे खाता है मगर फिर से दिल लगाता है दिल्लगी मानता है दिल से दिल लगान...
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शुक्रवार, 11 मार्च 2011
जीवन अकथ कहानी
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बिधना बड़ी सयानी रे जीवन अकथ कहानी रे तृषा भटकती पर्वत पर्वत समुंद समाया पानी रे दिन निकला दोपहर चढी फिर आयी शाम सुहानी रे चौखट पर बै...
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गुरुवार, 10 मार्च 2011
पान और ईमान... दोनों फेरते रहिए
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एक प्रसिद्ध कहानी है .. . एक साधु नदी मे स्नान कर रहा था, उसने देखा एक बिच्छू पानी मे डूब रहा था और जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था। साधु ने ...
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