सोमवार, 28 फ़रवरी 2011

आज़ाद पुलिस संघर्ष गाथा-४ (मुंबई में पुलिस का चालान काटेगी आज़ाद पुलिस)

आशा है मेरी पिछली पोस्टों आज़ाद पुलिस संघर्ष गाथा-१, आज़ाद पुलिस संघर्ष गाथा- २ और आज़ाद पुलिस (संघर्ष गाथा –३) के माध्यम से आज़ाद पुलिस से आप पर्याप्त परिचित होंगे …नहीं हैं तो कृपया उक्त पोस्टें पढ़ें…. इन पोस्टों को पढ़ कर मीडिया और ब्लॉगजगत से जुड़े हुए बहुत से लोगों द्वारा प्रतिक्रियाएं मिली थीं… कुछ संस्थाओं और लोगों ने स्वयं ब्रह्मपाल से मिल कर उनके संघर्ष और जज्बे को समझा-जाना … कुछ ने आर्थिक सहायता भी दी… लेकिन इस सहायता राशि को भी अपने व्यक्तिगत खर्च के लिए न रख कर समाज सेवा में अर्पित कर दिए गए….  तीन दिन पहले कहीं रास्ते में फिर से ब्रह्मपाल से मेरा मिलना हो गया… बातें होती रहीं… आज़ाद पुलिस के अगले मिशन के बारे में पूछने पर पता चला कि निकट भविष्य में आजाद पुलिस द्वारा एक गुटखे पर तिरंगे झंडे की तस्वीर और नाम का बेजा इस्तेमाल करने से तिरंगे का अपमान होता है. इस कंपनी के विरोध में जैसा कि ब्रह्मपाल ने अनेक बार प्रशासन को आगाह दिया था प्रशासन तक बात बखूबी पहुँच भी  चुकी थी लेकिन ब्रह्मपाल की आवाज़ नक्कारखाने में तूती की आवाज़ ही साबित हुई और उस कंपनी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी… इस कंपनी के विरोध में शीघ्र धरने पर बैठने हेतु उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना भेजी जा रही है… 

Top.bmpइसके अतिरिक्ति जिस पुलिस और प्रशासन ने कभी ब्रह्मपाल की सुध नहीं ली... उसकी आवाज़ बंद करने के लिए  सिरफिरा करार देते हुए बेवजह बार बार जेल में ठूंसती रही उसी पुलिस की कार्यप्रणाली के सुधार के सपने देखने वाला ब्रह्मप्रकाश(आज़ाद पुलिस) कुछ ही महीने में मुंबई पुलिस की खबर लेने मुंबई जाने वाला है… बताया कि २१ मई २०११   को अपने रिक्शे सहित मुंबई जाकर मुंबई पुलिस में व्याप्त भ्रष्टाचार और मौलिक कमियों को उजागर करने का प्रयास करेगा … इसके लिए आज़ाद पुलिस का अनोखा तरीका है पुलिस का चालान करना… ये जुनूनी वन मैन आर्मी अपनी स्वयं की चालान बुक रखता है… जहाँ कहीं पुलिस की कमियाँ देखता है… तुरंत चालान काटता है … चालान पर उस पुलिस वाले के हस्ताक्षर भी करवाता है और चालान एस एस पी अथवा उनसे उच्चतर अधिकारी को बकायदा कार्यवाही करने के अनुरोध के साथ प्रस्तुत किया जाता है… इस प्रयास में कई बार पुलिस का कोप-भाजन बनने, मार खाने, हवालात जाने के बावजूद उसके जज्बे में कोई कमी नहीं आती और अपना संघर्ष जारी रखता है,  मुंबई जाने के सम्बन्ध में   दिल्ली पंजाब केसरी समाचार पत्र ने दिनांक ०१-१२-१० के अंक में खबर को प्रमुखता दी है…

यहाँ अवगत कराना चाहूँगा कि ब्रह्मपाल के अनुसार किसी सहायता अथवा अनुदान राशि का एक पैसा अपनी जीविका के लिए प्रयोग नहीं करता…  आज़ाद पुलिस को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर करने के लिए उसे  एक कैमरे की आवश्यकता थी … जय कुमार झा जी की सलाह पर इस तरह के ईमानदार और आम जनता के लिए होने वाले संघर्ष पर छोटी-छोटी सहयोग राशि के लिए hprd   के लिए अपने वेतन से प्रतिमाह ५० रूपए का एक छोटा सा फंड बनाना शुरू कर दिया था… आशा है इस प्रयास के लिए मेरे फंड से शीघ्र ही एक कैमरा लिया जा सकेगा…

आज़ाद पुलिस की मुहिम और संघर्ष के प्रति ब्लॉग जगत में भी कई मित्रों का सहयोग लगातार प्राप्त होता रहा है…हाल ही में ब्लॉग जगत के कुछ सक्षम मित्रों की संवेदनाएं ब्रह्मपाल के प्रति शिद्दत से दिखी … इस बात से आज़ाद पुलिस की नगण्य सी मुहिम परवान चढेगी ऐसा विश्वास है… इस पोस्ट के माध्यम से आप सब से अपील है कि आज़ाद पुलिस की मुंबई मुहिम पर यथा संभव यथा योग्य सहयोग करें…

आज़ाद पुलिस की आगे की गतिविधियों के लिए नया ब्लॉग बना दिया गया है जिससे लोग आसानी से आज़ाद पुलिस और उसकी मुहिम से सीधे जुड़ सकें… ब्लॉग पर जाने के लिए क्लिक करें <आज़ाद पुलिस> पर

आपका पद्म सिंह ९७१६९७३२६२